【विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस 28 जुलाई।】
संरक्षण करो प्रकृति का, संवर्धन हो इस धरती का। हमारे चारों ओर घिरा हुआ 'आवरण' अर्थात पर्यावरण। आज के समय में हम तकनीकी क्षेत्र मेंं इतना आगे निकल चुके हैं कि अपनी आवश्यकता से कहीं अधिक आविष्कार और तरह-तरह की मशीनों का निर्माण कर चुके हैं। किन्तु क्या आपने कभी ये सोचा कि ये हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है या नहीं? क्या हमारा जीवन इन्हींं मशीनों पर निर्भर करता? क्या विज्ञान और तकनीक ही अब हमारी प्राथमिकता है? यदि आपका जवाब हां है तो आप पूर्णता ग़लत हैं। हां! विज्ञान के कारण हजारों आविष्कार सम्भव हो पाए हैं, विज्ञान ने हमारे दैनिक जीवन को सरल व सुखमय अवश्य बनाया है, किन्तु कभी-न-कभी धन-जन के हानि का कारण विज्ञान भी बना है, यदि विज्ञान वरदान है तो अभिशाप भी है; और पूर्णता इन्हींं मशीनों पर निर्भर रहना सरासर ग़लत भी है। आख़िर कब तक हम कृत्रिम व...